बिहार के गंडक नदी में उफान के चलते सत्तर घाट महासेतु पुल ध्वस्त,रोड का आधा हिस्सा टुटकर नदी में गिरा,तीन FIR दर्ज

11 districts of Bihar hit by floods, flood affected people are taking shelter on national highways and embankments

. 20 अप्रैल 2012 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंडक उर्फ़ नारायणी नदी पर सत्तरघाट महासेतु का शिलान्यास किया था. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा पुल का निर्माण वशिष्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारी 263.43 करोड़ की लागत से कराया गया।1440 मीटर लंबे इस महासेतु के बनने से गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण,  मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी तथा शिवहर जिलों के करीब 40 लाख से अधिक की आबादी को फायदा हो रहा था। सत्तरघाट पुल बनने के बाद तिरहुत और सारण प्रमंडलों के बीच आवागमन आसान हो गया था। साथ ही व्यापार जगत के साथ दिलों के रिश्ते भी मजबूत हो रहे थे। बैकुंठपुर प्रखंड में बने सत्तरघाट महासेतु से उत्तर बिहार के दस जिलों की दूरी सिमट गयी थी और गोपालगंज जिला मुख्यालय से मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण की दूरी 30 फ़ीसदी कम हो गई थी। इसके अलावे सिवान व सारण जिले से भी इन जिलों की दूरी 50 किलोमीटर तक कम हुई। सत्तरघाट महासेतु बनने से बैकुंठपुर के सीमावर्ती कई गांवों में ग्रामीणों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई थी।

लेकिन गंडक नदी में पानी अधिक आने से उसमें उफान आ गया है जिसके चलते सत्तर घाट महासेतु पुल ध्वस्थ हो गया और पानी के तेज बहाव के कारण रोड का आधा हिस्सा टुट कर गंडक नदी में गिर गया हैं। बता दें कि बुधवार को जहां रोड टूटा था वहां पहले महज 20 से 30 फीट का एरिया को ही नुकसान पहुंचा था, लेकिन यह एरिया अब बढ़कर 60 फीट से ज्यादा हो गया है. इस बीच मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन तीन एफआईआर दर्ज करवाए हैं. डीएम अरशद अजीज ने इस बात की जानकारी दी.

गुरुवार की रात जब डीएम और एसपी ने ध्वस्त रोड का जायजा लेने सत्तर घाट महासेतु पुल पहुंचे तो बताय कि बुधवार को कटाव को रोकने के लिए अभियंताओं की टीन मरम्मत करने गयी थी लेकिन ग्रामिणों को विरोध के चलते मरम्मत कार्य रोक दिया गया।वहीं अप्रोच रोड टुटने के बाद कुछ स्थानीय नेताओं के द्वारा लॉकडाउन के बावजूद यहां धरना और प्रदर्शन किया गया. जिसको लेकर उनके आदेश पर बैकुंठपुर सीओ ने एक दर्जन से ज्यादा लोगो पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आवेदन दिया है.

इसके अलावा वशिष्ठा कंस्ट्रक्शन कम्पनी के द्वारा भी एक प्राथमिकी दर्ज कराने का आवेदन बैकुंठपुर थाना में दिया गया है. जबकि एक आवेदन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के द्वारा भी काम में बाधा पहुंचाने को लेकर भीड़ पर प्राथमिकी दर्ज करने के निवेदन बैकुंठपुर थाना में दिया गया है. इस तरह कुल तीन प्राथमिकी इस मामले में दर्ज कराई जा रही है.

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